Android फ़ोन में RAW (DNG) फ़ोटो कैसे लें
RAW वह रखता है जो आपके फ़ोन के सेंसर ने सच में रिकॉर्ड किया, किसी भी प्रोसेसिंग से पहले, ताकि आप व्हाइट बैलेंस, हाइलाइट्स और शैडो बाद में ठीक कर सकें। यहाँ जानिए कि अपने फ़ोन का सपोर्ट कैसे जाँचें, RAW कैसे ऑन करें, और अच्छी फ़ाइल कैसे पाएँ।
RAW से क्या मिलता है, और इसकी कीमत क्या है
फ़ोन की आम फ़ोटो JPEG होती है। उसमें कैमरा पहले ही व्हाइट बैलेंस चुन चुका होता है, शैडो को ब्राइट कर चुका होता है, हाइलाइट्स को दबा चुका होता है, नॉइज़ हटा चुका होता है, किनारों को शार्प कर चुका होता है, और ज़्यादातर डेटा फेंक चुका होता है। RAW फ़ाइल वह रखती है जो सेंसर ने इन फ़ैसलों से पहले रिकॉर्ड किया था। Android पर यह DNG (डिजिटल नेगेटिव) के रूप में सेव होती है, एक RAW फ़ॉर्मेट जिसे लगभग हर फ़ोटो एडिटर खोल सकता है।
एडिट करते समय इससे फ़र्क पड़ता है। DNG के साथ आप:
- व्हाइट बैलेंस बाद में बदल सकते हैं, जैसे कैमरे में ही सेट किया हो;
- ब्राइट आसमान और अंधेरी शैडो से JPEG की तुलना में ज़्यादा डिटेल वापस ला सकते हैं;
- खुद तय कर सकते हैं कि कितना नॉइज़ रिडक्शन और शार्पनिंग चाहिए, फ़ोन के फ़ैसले के बजाय।
लेकिन यह मुफ़्त नहीं है। DNG फ़ाइल JPEG से कई गुना बड़ी होती है, एडिट करने तक फीकी दिखती है, और एक RAW फ़्रेम आमतौर पर वह मल्टी-फ़्रेम मर्जिंग छोड़ देता है जो फ़ोन अपनी JPEG के लिए करता है। कम रोशनी में RAW फ़ाइल फ़ोन की अपनी JPEG से ज़्यादा दानेदार हो सकती है। RAW तब शूट करें जब आप एडिट करने वाले हों, और जब सीन में ऐसी रोशनी हो जिसे वापस लाना हो।
जाँचें कि आपका फ़ोन RAW शूट कर सकता है
RAW कैप्चर कैमरे के हार्डवेयर पर निर्भर करता है, और इस पर कि फ़ोन बनाने वाली कंपनी Android के Camera2 इंटरफ़ेस से ऐप्स को क्या देती है। ज़्यादातर नए मिड-रेंज और फ़्लैगशिप फ़ोन मेन कैमरा पर यह देते हैं। अल्ट्रा-वाइड और टेलीफ़ोटो लेंस पर सपोर्ट ज़्यादा बदलता है, एक ही फ़ोन में भी।
सबसे आसान जाँच है: आज़माकर देखें। जो कैमरा ऐप आपके फ़ोन की क्षमताएँ पढ़ते हैं, One Camera भी, वे RAW का ऑप्शन तभी दिखाते हैं जब कैमरा सच में उसे देता है।
तरीका 1: फ़ोन का अपना कैमरा ऐप
कुछ कंपनियाँ अपने कैमरा ऐप में RAW देती हैं। मेन्यू के नाम सॉफ़्टवेयर वर्ज़न के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए इन्हें दिशा समझें, सटीक रास्ता नहीं:
- Google Pixel: कैमरा सेटिंग्स खोलें और Advanced में RAW + JPEG ऑप्शन ढूँढें।
- Samsung Galaxy: RAW Pro मोड से जुड़ा है। कैमरा सेटिंग्स में पिक्चर फ़ॉर्मेट के ऑप्शन, जैसे RAW copies, ढूँढें।
- दूसरे ब्रांड: प्रो या मैनुअल मोड ढूँढें, फिर उसकी सेटिंग्स में RAW या DNG स्विच।
अगर आपके कैमरा ऐप में RAW का ऑप्शन नहीं है, तो कोई दूसरा (थर्ड-पार्टी) कैमरा ऐप अक्सर फिर भी दे सकता है, क्योंकि वह सीधे कैमरे से बात करता है।
तरीका 2: One Camera
One Camera JPEG के साथ एक DNG भी सेव करता है, ताकि आपके पास शेयर करने लायक फ़ोटो भी रहे और बाद में एडिट करने के लिए फ़ाइल भी। RAW, One Camera Pro का हिस्सा है, जो एक बार की खरीद है; एक छोटा ऐड देखकर भी इसे छह घंटे के लिए अनलॉक किया जा सकता है।
- One Camera इंस्टॉल करें और खोलें।
- व्यूफ़ाइंडर में सेटिंग्स गियर पर टैप करें।
- Photo में RAW (DNG + JPEG) ऑन करें। अगर स्विच नहीं दिखता, तो आपके फ़ोन का कैमरा ऐप्स को RAW नहीं देता।
- चाहें तो Neutral भी ऑन करें, ताकि DNG के साथ वाली JPEG में भी फ़ोन की शार्पनिंग और नॉइज़ रिडक्शन न लगे।
- फ़ोटो लें। दोनों फ़ाइलें
DCIM/Cameraमें सेव होती हैं, जिनके नामOC_से शुरू होते हैं, इसलिए ये आपकी गैलरी में दिखती हैं और हमेशा की तरह बैकअप होती हैं।
कुछ गैलरी ऐप सिर्फ़ JPEG दिखाते हैं, या DNG को छोटे प्रीव्यू की तरह दिखाते हैं। पूरा RAW डेटा फिर भी मौजूद रहता है। उसे देखने के लिए DNG को किसी एडिटर में खोलें।
DNG फ़ाइलें खोलना और एडिट करना
फ़ोन पर Adobe Lightroom Mobile और Snapseed दोनों DNG फ़ाइलें खोलते हैं। कंप्यूटर पर Lightroom Classic और Capture One, और मुफ़्त darktable और RawTherapee भी इन्हें खोलते हैं। ज़्यादातर फ़ोटो के लिए यह क्रम अच्छा रहता है:
- सबसे पहले व्हाइट बैलेंस सेट करें।
- एक्सपोज़र सेट करें, फिर हाइलाइट्स कम और शैडो ज़्यादा करें।
- अपनी पसंद से कॉन्ट्रास्ट और रंग जोड़ें।
- आख़िर में नॉइज़ रिडक्शन और थोड़ी शार्पनिंग, 100% ज़ूम पर देखकर।
अच्छी RAW फ़ाइल कैसे पाएँ
- हाइलाइट्स बचाएँ। एक बार कोई ब्राइट हिस्सा पूरा सफ़ेद हो गया, तो RAW भी उसे वापस नहीं ला सकता। आसमान सफ़ेद हो रहा हो तो एक्सपोज़र थोड़ा कम करें। शैडो, हाइलाइट्स से आसानी से वापस आती हैं।
- ISO कम रखें। फ़ोन का छोटा सेंसर जल्दी दानेदार हो जाता है। मैनुअल मोड में उतना कम ISO रखें जितना शटर स्पीड इजाज़त दे।
- कम रोशनी में फ़ोन स्थिर रखें। किसी चीज़ से टिकें, या सेल्फ़-टाइमर के साथ छोटा ट्राइपॉड लगाएँ, ताकि ज़्यादा ISO के बजाय धीमा शटर इस्तेमाल कर सकें।
- स्टोरेज पर ध्यान दें। RAW से फ़ोन जल्दी भरता है। इसे उन फ़ोटो के लिए ऑन करें जिन्हें ज़रूरत है, हर फ़ोटो के लिए नहीं।
सवाल-जवाब
क्या DNG और RAW एक ही हैं?
DNG एक RAW फ़ाइल फ़ॉर्मेट है। Android RAW फ़ोटो को DNG के रूप में सेव करता है, जिसे ज़्यादातर फ़ोटो एडिटर खोल सकते हैं, इसलिए Android पर दोनों का मतलब लगभग एक ही है।
मेरी RAW फ़ोटो JPEG से ख़राब क्यों दिखती है?
RAW फ़ाइल अभी प्रोसेस नहीं हुई है। इसमें फ़ोन की ब्राइटनेस, रंग, शार्पनिंग और आमतौर पर मल्टी-फ़्रेम मर्जिंग नहीं होती, इसलिए एडिट करने तक यह फीकी, और कभी-कभी ज़्यादा दानेदार, दिखती है।
क्या हर Android फ़ोन RAW शूट कर सकता है?
नहीं। यह कैमरे के हार्डवेयर पर, और इस पर निर्भर है कि कंपनी ऐप्स को RAW देती है या नहीं। ज़्यादातर नए मिड-रेंज और फ़्लैगशिप फ़ोन मेन कैमरा पर देते हैं। दूसरे लेंस में यह अलग हो सकता है।
Android पर RAW फ़ोटो कहाँ सेव होती हैं?
आमतौर पर बाकी फ़ोटो के साथ DCIM/Camera में। One Camera DNG को वहीं JPEG के साथ सेव करता है, जिनके नाम OC_ से शुरू होते हैं।